गाइड

गियर पंपों में तेल फँसना: हाइड्रोलिक सिस्टम में कारण और प्रभाव

1. ऑयल ट्रैपिंग क्या है?

ऑयल ट्रैपिंग तब होती है जब रोटेशन के दौरान हाइड्रोलिक द्रव की एक छोटी मात्रा मेशिंग गियर के दांतों के बीच सील हो जाती है।

जैसे-जैसे गियर घूमते रहते हैं, इस फंसे हुए तेल का इनलेट या आउटलेट तक कोई सीधा प्रवाह पथ नहीं होता है।

2.गियर पंपों में तेल का फंसना कैसे होता है?

*दो गियर वाले दांत पूर्ण जुड़ाव में आते हैं

*संलग्न तेल की मात्रा अलग हो जाती है

*निरंतर घूमने से फँसा हुआ आयतन सिकुड़ता या फैलता है

इससे पंप चैम्बर के अंदर असामान्य दबाव परिवर्तन होता है।

3.तेल फँसने के मुख्य कारण

1. पूर्ण दाँत जालिंग:

जब गियर के दांत दबाव राहत पथ के बिना पूरी तरह से जाल में फंस जाते हैं, तो उनके बीच तेल फंस जाता है।

2. निश्चित पंप ज्यामिति:

पारंपरिक बाहरी गियर पंपों में टूथ प्रोफाइल और चैम्बर वॉल्यूम तय होते हैं, जिससे तेल फंसना अपरिहार्य हो जाता है।

3. राहत खांचे का अभाव:

विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए राहत खांचे या दबाव-समकारी चैनलों के बिना, फंसा हुआ तेल बाहर नहीं निकल सकता है।

4. तेल फंसाने के प्रभाव

①.प्रेशर स्पाइक्स: फंसे हुए तेल का तेजी से संपीड़न स्थानीय उच्च दबाव का कारण बनता है।

②.शोर और कंपन में वृद्धि: अचानक दबाव जारी होने से प्रभाव शोर और कंपन उत्पन्न होता है।

③.त्वरित घिसाव: उच्च आंतरिक तनाव गियर के दांतों, झाड़ियों और पंप हाउसिंग को नुकसान पहुंचाता है।

④.कम दक्षता: दबाव में उतार-चढ़ाव और आंतरिक घर्षण के कारण ऊर्जा की हानि होती है।

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